सबके लिए बस खुशियाँ लाना;


ए ईद तुम जब भी आना;
सबके लिए बस खुशियाँ लाना;
हर चेहरे पर हंसी सजाना;
हर आँगन में फूल खिलाना;
जो रोये हैं उन्हें हँसाना;
जो बिछड़े हैं उन्हें मिलाना;
प्यारी ईद तुम जब भी आना;
सबके लिए बस खुशियाँ लाना।
ईद मुबारक!